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इन तीन दिनों में मैंने लोगों का वो पागलपन देखा, जो शायद आँकड़ों में नहीं आता, रिपोर्टों में नहीं दिखता – बस यादों में रह जाता है । 2025 के महाकुंभ स्नान के लिए, मैंने लोगों को अपनी जान दाँव पर लगाते देखा । अपनों की परवाह किए बिना, नतीजों की चिंता किए बिना…